सरकारी बैंकों के कर्मचारियी संगठनों ने हाल में पूरे देश में हड़ताल की घोषणा की थी, जिसकी सबसे बड़ी वजह हफ्ते में 5 दिन काम (सभी शनिवार की छुट्टी) की मांग है. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि बैंक यूनियनों की इस मांग को मान लिया गया है और सभी सरकारी बैंकों में अब हर शनिवार को अवकाश रहेगा.
क्या ये दावा सच है ? : रिपोर्ट लिखे जाने तक भारत सरकार के वित्त विभाग या शनिवार अवकाश की मांग करने वाली बैंक यूनियनों की तरफ से ऐसा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, जिससे इस दावे की पुष्टि होती हो.
हमने ये सच कैसे पता लगाया ? : हमने बैंक हड़ताल की घोषणा करने वाले संगठनों की तरफ से की गई सभी घोषणाएं देखीं. इन संगठनों ने ऐसा कोई बयान जारी नहीं किया है, जिससे पुष्टि होती हो कि उनकी मांगें मान ली गई हैं.
हमें ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कनफिडरेशन (AIBOC) का बयान मिला, जिसमें X पोस्ट में संगठन ने बताया था कि 28-30 सितंबर 2026 की हड़ताल को बातचीत के बाद स्थगित कर दिया गया था. पर संगठन ने कहीं भी ये बयान नहीं दिया है कि हर शनिवार अवकाश की बात मान ली गई है.
बैंक कर्मचारियों की 7 यूनियनों के एक संयुक्त संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 1 अक्टूबर को एक बयान जारी किया, जिससे स्पष्ट होता है कि अब तक मांगे माने जाने की पुष्टि नहीं हुई है. यहां बताया गया है कि शनिवार अवकाश की मांग को लेकर 5 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जो इस मांग को लेकर जल्द ही रोडमैप तैयार करेगी.
भारत सरकार की एजेंसी प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने भी वायरल हो रहे गजट को फेक बताया है.
निष्कर्ष : सोशल मीडिया पर किया जा रहा ये दावा गलत है कि सभी सरकारी बैंकों में अब से हर शनिवार अवकाश रहेगा.
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