ADVERTISEMENTREMOVE AD

पंजाब में महिला कॉन्स्टेबल की मौत को दिया जा रहा रेप का झूठा एंगल

सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि कांग्रेस अपने नेतृत्व वाले राज्य पंजाब में चुप है, जहां इस तरह की घटनाएं हो रही हैं.

Published: 
story-hero-img
Aa
Aa
Small
Aa
Medium
Aa
Large

रोड एक्सीडेंट में जान गंवाने वाली एक महिला पुलिस अधिकारी की फोटो, पंजाब में रेप और हत्या के गलत दावे के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है.

बीजेपी सरकार वाले यूपी के हाथरस में कथित रेप को लेकर कांग्रेस की नाराजगी पर सवाल उठाने की कोशिश में, सोशल मीडिया यूजर्स ने अमृतसर में एक महिला कांस्टेबल की मौत को एक गलत दावे के साथ शेयर किया. यूजर्स ने कहा कि कांग्रेस अपने नेतृत्व वाले राज्य पंजाब में चुप है, जहां इस तरह की घटनाएं हो रही हैं.

ADVERTISEMENTREMOVE AD

दावा

इन फोटो इस दावे के साथ शेयर किया गया कि कॉन्स्टेबल नोमी की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी.

एक यूजर ने फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा, "भारत के पंजाब में महिला कॉन्सटेबल का रेप और हत्या!"

यूजर्स ने कथित रेप मामले पर कांग्रेस नेता राहुल और प्रियंका गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए.

आप ट्वीट्स का आर्काइव्ड वर्जन यहां, यहां और यहां देख सकते हैं.

क्विंट को इस सिलसिले में उसकी WhatsApp हेल्पलाइन पर भी सवाल मिला.

हमें जांच में क्या मिला?

महिला कॉन्सटेबल की मौत रोड एक्सीडेंट का केस है, न कि रेप और हत्या का.

फोटो को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें हिंदी अखबार, दैनिक सवेरा टाइम्स की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें वायरल फोटो शामिल थीं.

रिपोर्ट कहती है कि महिला कॉन्सटेबल का शव अमृतसर में मिला. कीवर्ड सर्च करने के बाद हमें इस मामले से जुड़ी कई रिपोर्ट्स मिलीं.

ट्रिब्यून इंडिया की 1 अक्टूबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, "एक महिला पुलिस कांस्टेबल, नोमी, जो यहां मिसलेनियस स्टोर कीपिंग (MSK) शाखा में तैनात हैं, की आज तड़के संगतपुरा गांव के पास तेज रफ्तार एसयूवी से स्कूटी को टक्कर लगने के बाद मौत हो गई."

क्विंट से बात करते हुए, सिटी डीसीपी, मुखविंदर सिंह भुल्लर ने कंफर्म किया कि कॉन्सटेबल की रोड एक्सीडेंट में मौत हुई है. उन्होंने कहा, "ड्यूटी के लिए जाते वक्त स्कॉर्पियो गाड़ी ने कॉन्सटेबल को टक्कर मार दी." इस मामले में पुलिस ने मामला भी दर्ज कर लिया है.

इससे साफ होता है कि अमृतसर में महिला कॉन्सटेबल की मौत को लेकर गलत खबर फैलाई जा रही है.

(Editor's Note: ग्राफिक कंटेंट होने के कारण क्विंट ने उन तस्वीरों को स्टोरी में नहीं इस्तेमाल करने का फैसला किया है.)

Speaking truth to power requires allies like you.
Become a Member
Monthly
6-Monthly
Annual
Check Member Benefits
×
×