अनुपम खेर की फिल्म 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है. कांग्रेस फिल्म को लेकर पहले ही अपनी आपत्ति दर्ज करा चुकी है. अब सोशल मीडिया पर ये चर्चा है कि फिल्म को मध्य प्रदेश में बैन कर दिया गया है. लेकिन क्या ये दावा सच है?
सोशल मीडिया पर कुछ अकाउंट से ये दावा किया जा रहा है कि अनुपम खेर की फिल्म 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' को मध्य प्रदेश में बैन कर दिया गया है. मध्य प्रदेश में हाल ही में कांग्रेस की सरकार बनी है. ऐसे में सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने फिल्म पर बैन लगा दिया है.
कांग्रेस फिल्म को लेकर अपनी नाराजगी दिखा चुकी है, लेकिन क्या ये बैन वाली बात सच है?
दरअसल, सोशल मीडिया पर फिल्म के बैन को लेकर किए जा रहे दावे केवल अफवाह हैं. कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर बैन का खंडन किया है.
सुरजेवाला ने ट्वीट में लिखा कि मध्य प्रदेश सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं किया है. उन्होंने इसे बीजेपी का झूठा प्रोपेगैंडा बताया.
मध्य प्रदेश सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक रिलेशन्स के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल ने बैन की खबरों को भ्रामक और गलत बताया.
रिलीज से पहले ही विवादों में अनुपम खेर की फिल्म
‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ का ट्रेलर रिलीज होते ही फिल्म विवादों में घिर गई है. कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, ''यह बीजेपी का एक खेल है, ये जानते हैं कि पांच साल पूरे होने वाले हैं और उनके पास दिखाने के लिए कुछ भी नहीं है, इसीलिए ध्यान भटकाने के लिए यह उनकी चाल है.''
महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस ने भी फिल्म निर्माताओं को चिट्ठी लिखकर चेतावनी दी है कि रिलीज से पहले फिल्म उन्हें दिखाई जाए. यूथ कांग्रेस का कहना था कि फिल्म में आपत्तिजनक सीन हुए, तो उन्हें हटाना होगा, वरना वो पूरे देश में फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं होने देगी.
गुरुवार को रिलीज हुए 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' के 3 मिनट के ट्रेलर में सोनिया गांधी के मनमोहन सिंह को पीएम चुनने से लेकर न्यूक्लियर डील, कश्मीर मुद्दा और यूपीए सरकार में हुए घोटालों का भी जिक्र किया गया है.
'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' मनमोहन सिंह के पूर्व मीडिया सलाहकार संजय बारू की इसी नाम पर लिखी किताब पर बनी है. इस फिल्म में अनुपम खेर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अक्षय खन्ना संजय बारू के किरदार में नजर आएंगे.
इसमें यूपीए सरकार के कई अनकहे-अनसुने वाकयों का जिक्र है, खासतौर से मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के बीच.
