मई 2018 में जब यूनिसेफ के सद्भावना राजदूत के तौर पर बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में रोहिंग्या शरणार्थी शिविर में प्रियंका चोपड़ा पहुंची थीं, तो उनकी यात्रा की बहुत आलोचना हुई. इन दिनों प्रियंका चोपड़ा की एक तस्वीर को सोशल मीडिया में खूब शेयर किया जा रहा है, जिसमें वो बुर्का पहनी हुई हैं.
तस्वीर को इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा कि प्रियंका ने ये बुर्का तब पहना था, जब उन्होंने बांग्लादेश में 'चरमपंथी' रोहिंग्या मुसलमानों से मुलाकात की थी. ALT News की पड़ताल में ये पोस्ट पूरी तरह फर्जी साबित हुई.
ऊपर दिया गया लिंक 'योगी आदित्यनाथ की सेना' नाम के फेसबुक पेज का है. इसे 5 जुलाई को पोस्ट किया गया है और अब तक इसे 11,000 से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है. पोस्ट के साथ अभद्र भाषा में मैसेज लिखा गया है.
फेसबुक पर दूसरे यूजर्स ने भी इस तस्वीर को अपने वॉल पर अपलोड किया है, जिसके और भी कई शेयर हुए. इसी तस्वीर को ट्विटर पर भी शेयर किया गया है.
से तस्वीर कहां की है?
साल 2011 में, प्रियंका चोपड़ा ने विशाल भारद्वाज के डायरेक्शन में बनी फिल्म 'सात खून माफ' में काम किया था. इस इस फिल्म के लिए प्रियंका चोपड़ा ने बुर्का पहना था. दरअसल ये तस्वीर साल 2010 की है, जब प्रियंका फिल्म की शूटिंग के दौरान श्रीनगर में थीं. इसे आउटलुक ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया था.
नीचे फिल्म के उस सीन का यूट्यूब लिंक है, जिसमें प्रियंका चोपड़ा को बुर्का पहने हुए देखा जा सकता है.
क्वांटिको की शूटिंग के दौरान भी एक बार प्रियंका ने बुर्का पहना था. अक्टूबर 2015 में उन्होंने इसकी तस्वीर भी ट्वीट की थी. ये क्वांटिको के प्रचार अभियान का हिस्सा था.
वैसे फेसबुक पेज 'योगी आदित्यनाथ की सेना' ने गुमराह करने वाली ऐसी फर्जी पोस्ट पहली बार शेयर नहीं की है. ये पेज नकली या भ्रामक बयान, तस्वीर और वीडियो को फैलाने के लिए कुख्यात है. ऑल्ट न्यूज ने पहले भी कई बार इस फेसबुक पेज के कई फर्जी पोस्ट को उजागर किया है.
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