ADVERTISEMENTREMOVE AD

FAKE NEWS: उत्तराखंड में ‘नागा साधु’ को मुस्लिमों ने नहीं पीटा

ये फर्जी पोस्ट बड़ी तादाद में लोगों को गुमराह कर रहा है. जान लीजिए सच्चाई क्या है. 

story-hero-img
i
Aa
Aa
Small
Aa
Medium
Aa
Large

रविवार की सुबह @Imamofpeace के एक वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट से एक पोस्ट किया गया, जिसमें लिखा था, "भारत में इस्लामी चरमपंथियों ने एक गरीब और बुजुर्ग भिखारी की पिटाई की. मैं सचमुच चाहता हूं कि इस इस्लामी अपराधी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाए." साथ ही इस पोस्ट के साथ पीएम नरेंद्र मोदी को टैग किया गया.

इस ट्वीट के साथ एक वीडियो अटैच किया गया, जिसमें दिख रहा है कि एक युवक एक बुजुर्ग की पिटाई कर रहा है. महज छह घंटों के अंदर इस पोस्ट को 3,300 से ज्यादा बार रीट्वीट किया गया. फिलहाल इस अकाउंट से अब बिना किसी स्पष्टीकरण के ट्वीट को हटा दिया गया है. लेकिन अफसोस की बात ये है कि ट्वीट डिलीट करने तक ये फर्जी पोस्ट बड़ी तादाद में लोगों को गुमराह कर चुका था.

ADVERTISEMENTREMOVE AD

बॉलीवुड एक्ट्रेस कोयना मित्रा भी उन लोगों में से थीं, जिन्होंने वीडियो को रीट्वीट किया था. कोयना ने रीट्वीट करते वक्त अपनी तरफ से ये दावा भी कर दिया कि जिस शख्स को पीटा गया, वो "नागा साधु" था. हालांकि अब उन्होंने भी बिना किसी स्पष्टीकरण के अपने ट्वीट को डिलीट कर दिया है.

Squint Neon और Postcard Telugu के ट्विटर हैंडल से भी इस वीडियो को शेयर करते हुए कहा गया कि उत्तराखंड में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नागा साधु की पिटाई की. बाद में Squint Neon ने भी बिना कोई सफाई दिए ट्वीट को हटा दिया.

ये भी पढ़ें - Fake News: Whatsapp पर ‘डेटा चोर’ मैसेज की क्या है सच्चाई?

2 सितंबर की सुबह 5:25 बजे इस वीडियो को अनंत श्रीवास्तव ने भी पोस्ट किया. श्रीवास्तव Bharat Herald नामक वेबसाइट के फाउंडर हैं. ये वेबसाइट नियमित तौर पर बीजेपी के समर्थन में पोस्ट करती हैं. उनके ट्वीट को लेखक Rajiv Malhotra और Shefali Vaidya ने भी रीट्वीट किया. हालांकि बाद में अनंत श्रीवास्तव ने भी अपना ट्वीट हटा दिया.

MyNation के संपादक अभिजीत मजूमदार के संपादक ने भी वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि जिस आदमी पर हमला किया गया वो नागा साधु था.

इसके अलावा बहुत से लोगों ने इस पोस्ट को सोशल मीडिया में शेयर किया.

असलियत: न तो वो नागा साधु है, न ही मुस्लिम युवक ने उसे पीटा

Alt News ने पटेल नगर, देहरादून के एसएचओ से संपर्क किया, जिन्होंने बताया कि इस घटना को सोशल मीडिया पर फर्जी कहानी के साथ फैलाया जा रहा है.
उन्होंने बताया, "जिस आदमी को पीटा गया वो नागा साधु नहीं, बल्कि एक भिखारी है. वो शादीशुदा है और उसके छह बच्चे हैं. वो खाना मांगने के लिए एक घर में गया था. जब उस घर की महिला उसके लिए चाय और बिस्किट लेकर आई, तो उसने महिला से छेड़छाड़ की. "

एसएचओ ने ये भी कहा कि उस भिखारी को महिला के भाई ने पीटा था. वो मुसलमान नहीं, बल्कि हिंदू परिवार का है. भिखारी के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई है. वो महिला से छेड़छाड़ के वक्त कथित तौर पर नशे में धुत था. फिलहाल वो पुलिस हिरासत में है.

इस बारे में देहरादून पुलिस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल की ओर से एक बयान भी जारी किया गया है कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे ये दावे बेबुनियाद हैं.

ये भी पढ़ें - Fake News: उमर खालिद पर हमले को लेकर पत्रकार का दावा झूठा

पुलिस ने गुमराह करने वाले इन पोस्ट पर एक और स्पष्टीकरण देते हुए पर ट्वीट किया और बताया कि जिस शख्स को पीटा गया था वो साधु का नकली वेष धरकर भीख मांगता है. सुशील नाथ नाम के इस शख्स को नशे की लत है, और वो पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा है. 24.08.2018 को ये एक घर में गया और वहां एक महिला से छेड़छाड़ की, जिसके बाद उसे महिला के भाई शुभम और अन्य स्थानीय लोगों ने उसे पीटा.

साफ है कि मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ प्रचार करने के एजेंडे के तहत एक झूठी कहानी फैलाई गई. एक्ट्रेस कोयना मित्रा ने इससे पहले भी एक फर्जी लव जिहाद रेट कार्ड ट्वीट किया था. इसी तरह, Squint Neon ने कांवड़ यात्रा के दौरान हिंसा फैलाने के लिए मुसलमानों पर झूठा आरोप लगाया था. जब जाने पहचाने सोशल मीडिया अकाउंट से इस तरह के भड़काऊ मैसेज पोस्ट किए जाते हैं, तो ये बेहद जरूरी हो जाता है कि पोस्ट करने से पहले इनकी प्रमाणिकता और तथ्यों की जांच कर ली जाए.

(यह पहली बार AltNews पर प्रकाशित हुआ था और उनकी अनुमति के साथ दोबारा प्रकाशित किया गया है)

ये भी पढ़ें - इंटरनेट के दौर में न बनें ‘वेबकूफ’, जानलेवा है Fake News

Speaking truth to power requires allies like you.
Become a Member
Monthly
6-Monthly
Annual
Check Member Benefits
×
×