ADVERTISEMENTREMOVE AD

बेरोजगार छात्रों ने योगी को दिखाए काले झंडे? पुराना वीडियो वायरल

घटना 2017 की है जब समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने योगी के काफिले को काले झंडे दिखाए थे. 

Published: 
story-hero-img
Aa
Aa
Small
Aa
Medium
Aa
Large

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काफिले को काले झंडे दिखाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि अभी हाल ही में स्टूडेंट एक्टिविस्टों ने लखनऊ में योगी के काफिले का रास्ता रोककर काले झंडे दिखाए.

लेकिन जब हमने इस वायरल वीडियो की पड़ताल की तो पाया कि ये वीडियो जून 2017 का है. योगी आदित्यनाथ एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने लखनऊ विश्वविद्यालय जा रहे थे, लेकिन कार्यक्रम स्थल पहुंचने से पहले ही रास्ते में समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने रास्ता जाम कर काले झंडे दिखाए थे.

ADVERTISEMENTREMOVE AD

किस दावे के साथ वीडियो किया रहा है शेयर?

सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने के साथ ये दावा किया जा रहा है कि “आज लखनऊ में योगी जी के काफिले को रोकते... बेरोजगार”. वीडियो फेसबुक पर अनु बौध अनु ने शेयर किया है. अनु को इस वीडियो को अबतक 5 लाख से ज्यादा व्यूज और 8,000 शेयर मिल चुके हैं.

बहुत से सोशल मीडिया यूजर्स ने वीडियो फेसबुक से उठाकर ट्विटर पर भी शेयर किया है.

क्या है सच्चाई?

हमने यूट्यूब पर “लखनऊ में योगी जी के काफिले” कीवर्ड्स डालकर सर्च किया, तब हमें 12 जून 2017 का ABP Bulletin मिला.

बुलेटिन में वायरल वीडियो के साथ लिखा गया है कि समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी के काफिले का रास्ता रोका और साथ ही काले झंडे भी दिखाए.

टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी 2017 के इस घटना की तस्वीरें शेयर की थीं. हमने पाया कि वायरल वीडियो और TOI की तस्वीरों में दो लड़कियों के कपड़े बिल्कुल एक जैसे हैं.

2017 की घटना

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक 7 जून 2017 को कई लोगों ने इकट्ठा होकर मुख्यमंत्री योगी के काफिले को काले झंडे दिखाए. उनमें ज्यादातर छात्र थे और समाजवादी छात्र सभा के थे.

योगी आदित्यनाथ को लखनऊ विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचना था. लेकिन कार्यक्रम स्थल की सड़क बीच में ही जाम करके कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध प्रदर्शन किया. रिपोर्ट में आगे ये भी लिखा था कि, प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कार्यक्रम विश्वविद्यालय और छात्रों के पैसे से करवाया जा रहा है.

छात्र कार्यकर्ता पूजा शुक्ला ने तब Newslaundry को बताया था,

“हमने प्रवेश प्रक्रिया में अनियमितता और प्रशासन की अक्षमता के खिलाफ विरोध किया जो वास्तविक जरूरतों के लिए राशि जारी नहीं करता है. फिर भी, विश्वविद्यालय में अकादमिक रूप से अप्रासंगिक और राजनीतिक समारोह के आयोजन के लिए सार्वजनिक धन खर्च किए जा रहे हैं.”

आर्टिकल के मुताबिक, 8 जून 2017 को 11 कार्यकर्ताओं को 14 दिन की आधिकारिक हिरासत में भेजा गया था.

इन सबूतों से साफ होता है कि ये वीडियो 2017 के लखनऊ में योगी आदित्यनाथ के काफिले का विरोध करते हुए छात्रों का है. मतलब वीडियो के साथ जो दावा किया जा रहा है कि अभी हाल में ऐसा विरोध प्रदर्शन हुआ है, वो पूरी तरह गलत है.

Speaking truth to power requires allies like you.
Become a Member
Monthly
6-Monthly
Annual
Check Member Benefits
×
×