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जादवपुर यूनि. के छात्रों ने सुप्रियो से ‘बदसलूकी’ का जश्न मनाया?

जानिए सर्कुलेट हो रहे इस वीडियो की हकीकत क्या है

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दावा

केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो गुरुवार, 19 सितंबर को जादवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस में अपनी यात्रा के दौरान कथित तौर पर छात्रों के एक वर्ग द्वारा घेर लिए गए थे. वे आरएसएस से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वहां पहुंचे थे.

अब, एक वीडियो इस दावे के साथ सर्कुलेट हो रहा है कि इसमें "जादवपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों को बीजेपी सांसद बाबुल सुप्रियो के उत्पीड़न का जश्न मनाते हुए दिख रहा है." वीडियो में छात्रों को एक दूसरे को चूमते हुए और नारे लगाते हुए दिखाया गया है.

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बांग्ला भाषा में जो टेक्स्ट वीडियो में दिख रहा है, उसका अनुवाद है: “वामपंथी वासना-युक्त हैं. यह पुख्ता सबूत है. कॉमरेड को सलाम, यह सीपीआई (एम) है. बाबुल सुप्रियो को घेरने के बाद, ये लोग अश्लील तरीके से सार्वजनिक तौर पर अपनी खुशी का इजहार कर रहे हैं.

इस दावे की सच्चाई को परखने के लिए द क्विंट को वॉट्सऐप पर ये वीडियो हासिल हुआ.

दावा सही या गलत?

ये दावा पूरी तरह गलत है.
हालांकि ये वीडियो कोलकाता के जादवपुर यूनिवर्सिटी का है, लेकिन वीडियो में छात्र उस घटना के बाद जश्न नहीं मना रहे थे, जहां बीजेपी सांसद बाबुल सुप्रियो को कथित रूप से परेशान किया गया था. दरअसल ये वीडियो साल 2014 का है जब जादवपुर यूनिवर्सिटी में 'किस ऑफ लव’आंदोलन का आयोजन किया गया था.

पड़ताल में हमें क्या मिला?

हमने 'Kiss Jadavpur University' कीवर्ड का इस्तेमाल करते हुए यूट्यूब पर सर्च किया. सर्च रिजल्ट में हमें 5 नवंबर 2014 को अपलोड किया गया एक वीडियो मिला, जिसके कैप्शन में लिखा था- ‘open kiss protest 1st time in kolkata at jadavpur university’.

वीडियो का डिस्क्रिप्शन बताता है कि यह 'किस ऑफ लव' प्रोटेस्ट से है. नतीजतन, हमने यूट्यूब पर ‘kiss of love protest jadavpur university’ कीवर्ड का इस्तेमाल किया और हमें एबीपी आनंद का एक बुलेटिन मिला, जिसे 5 नवंबर 2014 को अपलोड किया गया था. वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है: 'कोलकाता में नैतिक पुलिसिंग का विरोध करने के लिए पब्लिक किसिंग'.

एबीपी आनंद के बुलेटिन विजुअल्स से वॉट्सऐप वीडियो फ्रेम की तुलना करने पर हमें कुछ एक जैसे फ्रेम मिले. वॉट्सऐप वीडियो में 0:10 सेकंड के फ्रेम पर उसीको एबीपी आनंद के वीडियो 0,01 सेकंड के फ्रेम पर देखा जा सकता है.

इसी तरह, वॉट्सऐप वीडियो में 0:15 सेकंड पर दिखाई दे रहा फ्रेम एबीपी आनंद के 0:31 सेकंड फ्रेम से बिलकुल मिलता-जुलता है.

हमें द इंडियन एक्सप्रेस का एक आर्टिकल भी मिला, जिसमें बताया गया था कि कोलकाता के जादवपुर यूनिवर्सिटी के कितने छात्रों ने 5 नवंबर 2014 में नैतिक पुलिसिंग के विरोध में 'किस ऑफ लव’ आंदोलन किया था.

बता दें कि यह आंदोलन मूल रूप से केरल का था, जब लोगों के एक ग्रुप ने 'भारतीय युवा मोर्चा' के विरोध में सोशल मीडिया पर 'किस ऑफ लव’आंदोलन को शुरू किया था. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया था कि भारतीय युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कोझीकोड के एक होटल पर "अनैतिक गतिविधियों का आरोप" लगाने के बाद वहां पर हमला बोल दिया था.

(द इंडियन एक्सप्रेस के इनपुट्स के साथ)

(क्या आप ऑनलाइन पोस्ट की गई किसी जानकारी के बारे में आश्वस्त नहीं हैं और इसे सत्यापित करना चाहते हैं? 9643651818 पर हमें वॉट्सऐप पर विवरण भेजें, या इसे हमें webqoof@thequint.com पर ई-मेल करें और हम आपके लिए इसकी पड़ताल करेंगे.)

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