दिल्ली के जंतर मंतर पर हुआ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन खत्म हो चुका है इसके साथ ही पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी हो चुका है, जो CJP की मुख्य मांगों में से एक मांग थी. 20 जुलाई को इस प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया था जिसमें कई छात्र घायल हो गए थे.
दावा: इस बीच सोशल मीडिया पर एक ग्राफिक शेयर किया जा रहा है जिसको शेयर कर दावा किया जा रहा है कि, "दिल्ली पुलिस ने 12-16 साल की लड़कियों के कपड़े फाड़े और उनके ब्रेस्ट पर चढ़कर खूब मारा."
हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने वायरल वीडियो से सम्बंधित कीवर्ड्स सर्च किए. हमारी सर्च में हमें ऐसी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें वायरल घटना से सम्बंधित कोई खबर या विश्वसनीय पोस्ट की गई हो.
इसके सिवा इस पोस्ट के टेक्स्ट फॉन्ट और ग्राफिक को देखकर हमें इसके AI से बने होने के शक हुआ इसलिए हमने इसे AI से बने कॉन्टेंट की पहचान करने वाले टूल Hive Moderation पर चेक किया, जहां हमें इस तस्वीर के AI से बने होने 99 प्रतिशत संभावना जताई गई.
इसके सिवा हमने इस फोटो को AI से बने कंटेंट की पहचान करने वाले एक अन्य टूल AIorNot पर भी चेक किया, यहां भी इस तस्वीर के AI के Deepfake से बने होने की संभावना जताई गई.
दावे का संदर्भ: ऑनलाइन शेयर किए गए कई वीडियो में पुलिस की कार्रवाई के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारे जाने, लाठियों से पीटे जाने और धक्का दिए जाने के दृश्य दिखे थे. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कुछ महिलाओं के निजी अंगों और शरीर के अन्य हिस्सों को निशाना बनाया गया था.
एक अन्य वीडियो में एडिशनल DCP संदीप लांबा एक महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दिए. दिल्ली पुलिस ने कहा कि विरोध-प्रदर्शनों के दौरान विशेष यूनिट तैनात की जाती हैं और उसने बड़े पैमाने पर बर्बरता के आरोपों से इनकार किया.
निष्कर्ष: CJP प्रोटेस्ट के दौरान जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज को लेकर AI से बनी तस्वीर को असली घटना का बताकर भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है.
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