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अधीर रंजन चौधरी का झूठा दावा- टैगोर की कुर्सी पर बैठे अमित शाह

लोकसभा में भाषण देते समय अधीर रंजन चौधरी ने अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे को लेकर दो दावे किए, दोनों दावे फेक हैं

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कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने 8 फरवरी को संसद में भाषण देते हुए दावा किया कि अपनी पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह शांति निकेतन में रविंद्र नाथ टैगोर की कुर्सी पर बैठ थे. इसके अलावा अधीर रंजन चौधरी ने ये भी आरोप लगाया कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शांति निकेतन को रविंद्र नाथ टैगोर का जन्म स्थल बताया था.

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अधीर रंजन चौधरी ने क्या कहा

संसद में भाषण देते हुए अधीर रंजन चौधरी ने अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे को लेकर आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं को रविंद्र नाथ टैगोर के संबंध में सही जानकारी नहीं है.

संसद में दिए भाषण में 21 मिनट और 56 सेकंड बाद यह हिस्सा सुना जा सकता है. अधीर रंजन चौधरी ने कहा - बीजेपी के नेता अमित शाह और नड्डा साहब चुनाव में बंगाल जा रहे हैं. रविंद्र नाथ टैगोर के शांति निकेतन में जा रहे हैं, कह रहे हैं कि यहां उनका जन्म हुआ. लोग हंस रहे हैं, हमें बुरा लगता है. हमारे अमित शाह जी जाकर रविंद्र नाथ टैगोर जी की कुर्सी पर जाकर बैठ जाते हैं,

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सच क्या है ?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे पर शांति निकेतन स्थित विश्व भारती विद्यापीठ गए थे. इस दौरान उन्होंने रविंद्र नाथ टैगोर को श्रद्धांजलि भी दी. हमें ऐसी कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं, जिनमें अमित शाह के दौरे की फोटोज हैं.

पूरा भाषण सुनने के लिए यहां क्लिक करें

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स्टेट्समैन की रिपोर्ट में अमित शाह की फोटो है. सोशल मीडिया पर यही फोटो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अमित शाह रविंद्र नाथ टैगोर की कुर्सी पर बैठे हैं.

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गूगल पर “Rabindranath Tagore’s Chair at Shanti Niketan” लिखकर सर्च करने से हमें टेलीग्राफ वेबसाइट पर 2015 की रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट में रविंद्रनाथ टैगोर की कुर्सी की फोटो है. लेकिन, ये उस प्लेटफॉर्म से नहीं मिलती, जिसपर गृह मंत्री अमित शाह बैठे थे.

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हमें विश्व भारती यूनिवर्सिटी के कुलपति का एक पत्र भी मिला. ये पत्र उन्होंने अधीर रंजन चौधरी को लिखते हुए स्पष्ट किया है कि अमित शाह जिस कुर्सी पर बैठे थे, वह रविंद्र नाथ टैगोर की कुर्सी नहीं थी. इसी कुर्सी पर पहले भी जवाहरलाल नेहरू, प्रणब मुखर्जी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना जैसी नामचीन हस्तियां बैठ चुकी हैं.

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हमें शेख हसीना के उसी प्लेटफॉर्म पर बैठे हुए एक फोटो मिली, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह बैठे थे. बांग्लादेश की इस न्यूज वेबसाइट पर ये रिपोर्ट 2018 में पब्लिश की गई है.

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अधीर रंजन चौधरी का दूसरा आरोप है कि अमित शाह और जेपी नड्डा ने शांति निकेतन को रविंद्र नाथ टैगोर का जन्म स्थल कहा. हमने 9 दिसंबर, 2020 को दिया गया जेपी नड्डा का भाषण सुना. इस भाषण में नड्डा कहते हैं - विश्व भारती यहां है, रविंद्र नाथ टैगोर यहां पैदा हुए, रविंद्र नाथ टैगोर ने जिस तरह से समाज को दृष्टि दी वो हम सबको मालूम है.

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हालांकि, बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई ने नड्डा के बयान का गलत अर्थ निकालकर ट्वीट किया. बाद में तृणमूल कांग्रेस की प्रतिक्रिया के बाद बीजेपी के हैंडल से ट्वीट डिलीट कर दिया गया.

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दावे को फैक्ट चेकिंग वेबसाइट बूम की तरफ से भी फेक बताया जा चुका है. मतलब साफ है कि कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी की तरफ से किए गए दोनों दावे फेक हैं.

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