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खाने को दूषित करती महिला का 10 साल पुराना वीडियो गलत दावे से वायरल

2011 का वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिख रही महिला मुस्लिम मेड है, जिसने खाने को दूषित किया

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि मध्यप्रदेश के भोपाल में घरेलू काम में मदद करने वाली महिला भोजन में मूत्र मिला रही है. वीडियो को सोशल मीडिया पर साम्प्रदायिक रंग दिया जा रहा है.

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दावा

वीडियो के साथ शेयर किया जा रहा कैप्शन है - सत्य घटना । भोपाल में मुकेश सूरी जी ने 'हसीना' नामक मुस्लिम नौकरानी को काम पर रखा और नौकरानी ने अपने इस्लामी मज़हब के अनुसार आचरण करना शुरू कर दिया!! अपने थूक और पेशाब से बनाकर खिलाती थी खाना!”

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पड़ताल में हमने क्या पाया

यूट्यूब पर अलग-अलग कीवर्ड सर्च करने से हमें साल 2015 में यूट्यूब पर अपलोड किया गया एक वीडियो मिला. वीडियो में न्यूज 24 का लोगो दिख रहा है.

वीडियो के अंत में रिपोर्टर प्रवीण दुबे का नाम आता है. इस मामले के बारे में जानने के लिए क्विंट ने प्रवीण दुबे से संपर्क किया. वेबकूफ से बातचीत में प्रवीण ने बताया कि मामला पुराना है और वायरल वीडियो में दिख रही मेड मुस्लिम नहीं है.
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मामले से जुड़े कीवर्ड सर्च करने पर हमें ‘Jansandesh News’ नाम के यूट्यूब चैनल पर 17 अक्टूबर, 2011 को अपलोड किया गया न्यूज बुलेटिन मिला इसमें काम कर रही महिला का नाम आशा बताया गया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की 18 अक्टूबर 2011 की रिपोर्ट के मुताबिक 55 वर्षीय इस महिला का नाम आशा कौशल है. मुकेश सूरी की शिकायत पर आशा पर धारा 270 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था.

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पुलिस के बताया कि शिकायतकर्ता को जब अपने घर का कुछ सामान गायब मिला, तो उसने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए, जिसके बाद ये वीडियो सामने आया. पुलिस पूछताछ के दौरान आशा ने अपने मालिक पर कई गंभीर आरोप लगाए.

आशा का आरोप था कि उसकी बेटी के प्रति मोहित सूरी का बहुत अजीब व्यवहार था. इसलिए आशा ने मालिक को सबक सिखाने के लिए ऐसा किया.  हालांकि पुलिस ने आगे ये भी कहा कि उन्हें आशा के इस आरोप पर भरोसा नहीं है. क्योंकि आशा या उसकी बेटी ने कभी भी इस मामले की शिकायत नहीं की.

दैनिक जागरण की साल 2011 की रिपोर्ट में भी महिला का नाम आशा कौशल ही बताया गया है.

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वीडियो इसी दावे के साथ साल 2020 में भी शेयर किया गया था. फैक्ट चेकिंग वेबसाइट बूम और इंडिया टुडे की पड़ताल में भी ये दावा झूठा निकला था.

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