सरकार के शपथ लेने के 3 दिन बाद योगी कैबिनेट (Yogi Cabinet) में मंत्रियों के विभागों का आवंटन हुआ है. जैसा कि अनुमान लगाया जा रहा था, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कुछ महत्वपूर्ण विभाग जैसे गृह, गोपन और राजस्व को मिलाकर कुल 34 विभाग अपने पास रखे हैं.
हारने के बावजूद कैबिनेट में अपना स्थान बरकरार रखने वाले उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) का कद छोटा कर दिया गया है. वो इस बार ग्राम विकास विभाग के मंत्री होंगे. उनसे लोक निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विभाग लेकर कैबिनेट में पहली बार जगह पाने वाले जितिन प्रसाद को दे दिया गया है.
दिनेश शर्मा की जगह उप मुख्यमंत्री बनाए गए बृजेश पाठक को चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा और परिवार कल्याण जैसे तीन महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिली है. पाठक के पुराने कैबिनेट के साथी दिनेश शर्मा को संगठन में भेजने की तैयारी की जा रही है.
जितिन प्रसाद की तरह पहली बार कैबिनेट में स्थान पाने वाले अरविंद कुमार शर्मा को नगर विकास के साथ-साथ ऊर्जा मंत्री का पदभार मिला है. पिछली सरकार में श्रीकांत शर्मा ऊर्जा मंत्री थे लेकिन इस बार उनको कैबिनेट में जगह नहीं मिल पाई. सूत्रों का कहना है कि दिनेश शर्मा की तरह श्रीकांत शर्मा को संगठन में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है.
कैबिनेट में दोबारा स्थान पाने वाले स्वतंत्र देव सिंह को जल शक्ति, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण जैसे 7 विभागों का पदभार मिला है. योगी सरकार की पिछली कैबिनेट में स्वतंत्र देव सिंह ने कुछ समय तक परिवहन मंत्री का कार्यभार भी संभाला था. लेकिन बाद में उन्हें BJP की उत्तर प्रदेश इकाई का अध्यक्ष बना दिया गया था. परिवहन मंत्रालय का पदभार इस बार दयाशंकर सिंह को मिला है जो पहली बार कैबिनेट में जगह बनाने में सफल रहे हैं.
बेबी रानी मौर्य को महिला कल्याण विभाग दिया गया है
उत्तराखंड की पूर्व गवर्नर और आगरा ग्रामीण से विधायक बेबी रानी मौर्य को महिला कल्याण विभाग दिया गया है. पिछली कैबिनेट में रीता बहुगुणा जोशी के पास इस मंत्रालय का पदभार था. हाल ही में उनके बेटे मयंक जोशी ने SP का दामन थाम लिया था.
लक्ष्मी नारायण चौधरी इस बार गन्ना मंत्री होंगे. उत्तर प्रदेश सरकार में पिछली बार यह महत्वपूर्ण पद सुरेश राणा के पास था लेकिन थानाभवन विधानसभा में मिली करारी शिकस्त के बाद सुरेश राणा कैबिनेट में दोबारा जगह बनाने में असफल रहे.
अगर बीजेपी के सहयोगी पार्टी के मंत्रियों की बात की जाए तो निषाद पार्टी के संजय निषाद को मत्स्य विभाग वही अपना दल के आशीष पटेल को प्राविधिक शिक्षा, उपभोक्ता संरक्षण एवं बाट माप जैसे विभाग मिले हैं.