ADVERTISEMENTREMOVE AD

Sidhu Moose Wala के टैटू और ट्रैक्टर की यादें-अलविदा के लिए फैन्स की उमड़ी भीड़

Sidhu Moose Wala को अलविदा कहने उनके गांव मूसा पहुंचे हजारों प्रशंसक.

Aa
Aa
Small
Aa
Medium
Aa
Large

पंजाबी गायक और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसे वाला (Sidhu Moose Wala) के घर के बाहर खड़े 23 साल के गौरव ने कहा कि वीर जी (भाई) ने नशा, ड्रग्स के बारे में कभी नहीं गाया. इसलिए मैंने उनके चेहरे का टैटू अपनी बांह पर गुदवाया है. गौरव उन हजारों में से एक थे, जो 29 मई को मारे गए 28 वर्षीय गायक को अलविदा कहने 31 मई को उनके गांव मूसा पहुंचे थे.

ADVERTISEMENTREMOVE AD

गौरव की बाएं हाथ पर पर मूसे वाला का एक बड़ा टैटू है, जिसके नीचे 5911 अंक लिखा हुआ है, जो एचएमटी 5911 ट्रैक्टर के लिए गायक के शौक को दर्शाता है. जिसमें वह अक्सर सवार होते थे. गौरव ने कहा कि जब तक मैं उसका चेहरा नहीं देखूंगा, तब तक मैं एक निवाला नहीं खाऊंगा.

मूसे वाला का अंतिम संस्कार दोपहर करीब 2.20 बजे उनके खेतों में, मूसा गांव में उनके घर के बगल में किया गया. अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए. जब 29 मई को उनकी मृत्यु की खबर फैली तो पूरे उत्तर भारत के प्रशंसक- दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के प्रशंसक पंजाब के मनसा जिले के मूसा गांव पहुंचने लगे.

इस दौरान कुछ ने 28 वर्षीय गायक की तस्वीरें और पोस्टर लिए और अन्य ने सिद्धू मूसे वाला अमर रहे जैसे नारे लगाए. कुछ ने, जैसे हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब के चार युवकों ने अपनी तस्वीर के साथ टी-शर्ट पहन रखी थी

मूसे वाला के गानों की वजह से पसंद आया पंजाब: हिमाचल का फैन

मूसे वाला का पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह 8.40 बजे उनके आवास पर पहुंचा. उनका पसंदीदा ट्रैक्टर - HMT 5911 और उनकी ट्रॉली जो फूलों से सजी होती थी, उन्हें अक्सर गांव में और उसके आसपास सवारी करते हुए देखा जाता था.

घर के अंदर से, सोशल मीडिया पर उसके माता-पिता के रोने की तस्वीरें सामने आईं. इसके बाहर, उनके प्रशंसक अंतिम संस्कार के जुलूस के शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे थे, ताकि वे मूसे वाला को आखिरी बार देख सकें.

मंगलवार की सुबह 280 किलोमीटर की यात्रा कर हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब से मूसा गांव पहुंच अवि, साहिल, दीपक और आकाश खड़े थे. इन्होंने पिछली रात एक बस में बिताई थी.

दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करने वाले 20 और 30 के इन युवाओं ने द क्विंट को बताया कि वह निडर थे, वे हमारे भाई थे. हम हिंदी भाषी हैं लेकिन उनका संगीत सुनने के बाद पंजाबी को चुना. वह अपने दम पर सफल हुए. अपनी मां को इस तरह रोता देख दुख होता है.

हरियाणा के गुड़गांव से 280 किमी से अधिक दूरी की यात्रा कर एक और युवक मूसा गांव पहुंचा. 22 वर्षीय रतेश मेहता, जो एक कारखाने में काम करता है. मूसा तक पहुंचने के लिए, मेहता ने ट्रेन से 8 घंटे की यात्रा की.

उन्होंने द क्विंट को बताया कि जब मैंने सुना कि मूस वाला भाई मारा गया है, तो मैं शारीरिक रूप से बीमार पड़ गया. मैंने कुछ पैसे उधार लिए, बस ली और अपने परिवार को इसके बारे में बताए बिना यहां आ गया.

जो लोग मूसा गांव और उसके आस-पास के गांवों में रहते हैं, वे मूसे वाला को एक सफल युवक के रूप में याद करते हैं, जो सबसे सुलभ था और अपने संगीत के साथ गांव को वैश्विक मानचित्र पर लाने के लिए कोशिश कर रहा था.

मूसा से 5 किमी दूर गांव में रहने वाले किसान हरप्रीत सिंह ने द क्विंट को एक किस्सा सुनाया. उन्होंने कहा कि एक बार, मेरे रिश्तेदार थे और वे जानते थे कि मैं मूसे वाला के घर के कितने करीब रहता हूं. उन्होंने मुझे बताया कि वे उसके साथ एक फोटो चाहते हैं, इसलिए हम मूसा आए. हम उससे मिले, और वह हमें एक खेत में ले गया. उसका ट्रैक्टर वहां था, वह हमारे साथ बैठा और तस्वीरें भी लीं.

उन्होंने कहा कि चूंकि मूसे वाला को अक्सर गांव के पास उनके ट्रैक्टर पर देखा जाता था, इसलिए कई लोग उन्हें रोक लेते थे और सेल्फी लेने या बात करने के लिए कहते थे.

उन्होंने बताया कि मैं उससे कई बार मिला. वह इतना सफल हो गया था और उसके पास बहुत पैसा था. अगर वह चाहता, तो वह विदेश या चंडीगढ़ में भी बस सकता था, लेकिन उसने अपने गांव में रहना चुना. वह अपने गांव से जुड़ा हुआ था.

30 मई को 120 किमी दूर पटियाला के एक गांव निवासी निंदर सिंह मूसा वाला गांव पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि वहां मूसे वाला का अंतिम संस्कार किया जाएगा. जब मैं यहां आया, तो मुझे पता चला कि यह मंगलवार को होगा. इसलिए अब हम यहां रहेंगे. वीरे जी का अंतिम संस्कार होने पर ही हम घर वापस जाएंगे. उनका संगीत हमें यहां लाया, उन्होंने केवल अपने माध्यम से सच बोला. उनके गानों में एक अलग अंदाज है.

ADVERTISEMENTREMOVE AD

कपूरथला के युवा गौरव की बांह पर टैटू है, मूसे वाला ने न केवल "उसे पगड़ी का सम्मान करना सिखाया" बल्कि उसे "इसे पहनने" के लिए प्रोत्साहित किया.

पड़ोसी गांव के एक युवक ने बताया कि यह मूसे वाला का सुलभ रवैया था, जिसने उन्हें गायक के प्रति आकर्षित किया. कोई भी उनके घर पर कभी भी रुक सकता था और वह हमसे मिलते थे, चाय भी पीते थे.

इस दौरान मूसा गांव न केवल दु:ख और अविश्वास से बल्कि गुस्से से भी गूंज उठा. पंजाब सरकार मुर्दाबाद जैसे नारे लगे.

कपूरथला के गौरव ने कहा कि उनके माता-पिता को बहुत नुकसान हुआ है, यह एक विश्वासघात है. मुझे उम्मीद है कि दोषियों को इसके लिए उचित सजा दी जाएगी. इस बीच, शीरा ने पूछा कि जिन लोगों ने हत्या की है, उन्हें अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है?

Published: 
Speaking truth to power requires allies like you.
Become a Member
Monthly
6-Monthly
Annual
Check Member Benefits
×
×