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मेसी की 'जबरा फैन': केरल की लड़की ने स्पेनिश सीखी और लियोनेल के लिए स्पेन तक गई

fifa world cup final 2022: केरल की जुश्ना शाहीन ने मेसी से बात करने के लिए स्पेनिश सीखी है.

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केरल की जुश्ना शाहीन के लिए, उनके जीवन में लियोनेल मेसी एकमात्र ऐसे शख्स हैं, जो लगातार उनको इंस्पायर करते रहे हैं.

अर्जेंटीना के इस फ़ुटबॉलर पर शाहीन की नजर तब पड़ी थी, जब 2010 में उनके टीवी स्क्रीन पर फीफा वर्ल्ड कप चल रहा था. ये वही साल था जब 'गॉड' (डिएगो माराडोना) 'मसीहा' (मेसी) को कोचिंग दे रहे थे. तब माराडोना अर्जेंटीना के फुटबॉल कोच थे.

उस समय (2010 में) शाहीन 15 साल की थी और अर्जेंटीना की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का घर बैठे टीवी के सामने उत्साह वर्धन कर रही थी, लेकिन जर्मनी की टीम हाथों अर्जेंटीना को हार का सामना करना पड़ा, तब 1986 में अर्जेंटीना को विश्व कप जीतने वाले फुटबॉल के गॉड यानी भगवान डिएगो माराडोना को काफी निराशा हुई थी. इसी साल (2010 में) युवा मेसी (जिन्हें अब अर्जेंटीनियाई फुटबॉल में मसीहा के नाम से भी जाना जाता है) ने विश्व कप नॉक आउट दौर में जर्मनी से 4-0 की शर्मनाक हार के बाद मैदान से दूरी बना ली थी.

हालांकि भले ही 2010 के विश्व कप में अर्जेंटीना का सपना अचानक से चकानाचूर हो गया था, लेकिन केरल के कन्नूर जिले के पप्पिनिसेरी में रहने वाली शाहीन ने मेसी के लिए स्पेनिश सीखी और यहां तक कि उनके पीछे स्पेन तक चली गईं.

भले ही पढ़ाई, शादी, प्रेग्नेंसी और सांसारिक नौकरी की पीड़ाओं के साथ साल बीतते गए, लेकिन इन सबके बावजूद शाहीन इस फुटबॉलर से मिलने के हर मौके की तलाश करती रहीं.

अब, 2022 में, कतर के लुसैल स्टेडियम में फीफा विश्व कप टूर्नामेंट के फाइनल मैच में अर्जेंटीना और फ्रांस का मुकाबला होने वाला है. शाहीन बतौर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट कतर में हैं और लियोनेल मेसी के साथ एक साक्षात्कार की तलाश में हैं.

यह जुश्ना शाहीन की कहानी है और संभवतः अर्जेंटीना के उन लाखों अप्रवासी भारतीय अनुयायियों की कहानी है, जिन्हें शुरू में कतर में फीफा विश्व कप शुरू होने पर "फेक, पेड" प्रशंसकों के तौर पर संदर्भित किया गया था. अर्जेंटीना के घरेलू समर्थक नहीं होने के बावजूद लियोनेल मेसी को लेकर शाहीन का प्यार गहरा है और मेसी के लिए वे किस हद तक जा सकती हैं, कभी-कभी यह देखकर अकल्पनीय लगता है.

द क्विंट से शाहीन ने कहा कि

"मुझे लगा कि लियो के पास कहने के लिए कुछ है. उन्हें जो कुछ कहने को है मैं उसे सुनना चाहती थी. लेकिन मेसी ने केवल स्पेनिश भाषा में बात करते थे.

राष्ट्रीयता से परे जाते हुए फुटबॉल के लिए स्पेनिश सीखा

नवंबर 2022 में जब अर्जेंटीना के करीब 40,000 प्रशंसक कतर पहुंचे, तब तक हजारों भारतीय अर्जेंटीना के रंग में रंगे हुए थे और उनमें पहले ही फुटबॉल विश्व कप का बुखार चढ़ चुका था. इन हजारों फैंस में से कई केरल से थे. केरल एक राज्य है, जहां फुटबॉल को काफी पसंद किया जाता है, यहां अक्सर ब्राजील और अर्जेंटीना के प्रशंसकों के बीच झगड़े होते रहते हैं.

केरल में पुर्तगाल, इंग्लैंड और अब मोरक्को सहित अन्य फुटबॉल देशों के समर्थक भी हैं.

हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय मीडिया की शुरुआती रिपोर्टों में यह संदेह जताया गया था कि इन "अजीब फैन्स" को चियर करने के लिए भुगतान (पेड) किया गया था, संदेह शायद इसलिए था, क्योंकि वे फैंस "अर्जेंटीना की तरह नहीं बिल्कुल भी नहीं दिख रहे थे." नस्लवादी?

कतर में लगभग 7.5 लाख भारतीय अप्रवासी रहते हैं. विश्व कप अधिकारियों ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि :

"हम इन दावों को पूरी तरह से खारिज करते हैं. ये दावे निराशाजनक होने के साथ-साथ आश्चर्यजनक भी हैं. कतर, और बाकी दुनिया में फुटबॉल फैंस की एक विविध श्रेणी है, इन फैंस में कई ऐसे हैं जो कई अलग-अलग देशों के साथ मजबूती से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं."

जुश्ना ने मेसी के लिए जो स्पेनिश में मैसेज लिखा था वह अब वायरल हो गया है. इस बीच जुश्ना ने कहा :

"शुरुआत में मैंने घर पर ही स्पेनिश भाषा सीखने का प्रयास किया, लेकिन यह काफी कठिन था. 12वीं कक्षा के ठीक बाद मैंने जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) में स्पेनिश में इंटीग्रेडेट एमए के लिए अप्लाई किया और उसमें मुझे एंट्री मिल गई."

2014 में जब मेसी की अर्जेंटीना टीम विश्व कप फाइनल में पहुंची और उसे जर्मनी के हाथों 1-0 से हार का सामना करना पड़ा था, तब शाहीन जेएनयू में थीं.

स्पेनिश सीखने और मेसी का पीछा करने के लिए, शाहीन ने बहुत कुछ किया है. शाहीन हंसते हुए बताती हैं कि "अगर मेरे पैरेंट्स को यह पता होता कि मैं मेसी के इंटरव्यू के लिए स्पेनिश सीख रही हूं तो वो मुझे कभी भी इस भाषा को सीखने की अनुमति नहीं देते. शायद वे इस बात को लेकर चिंतित होते कि होंगे कि मेरे पास आगे बढ़ने के लिए करियर का कोई अवसर नहीं होगा. हालांकि, मैंने उन्हें यह कहकर मना लिया कि मैं यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) परीक्षा के लिए अप्लाई करूंगी और भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) पोस्ट के लिए प्रयास करूंगी. ऐसे में स्पेनिश भाषा की जानकारी होने से मुझे इसमें मदद मिलेगी."

2018 में, जब अर्जेंटीना राउंड ऑफ 16 नॉकआउट मैच में फ्रांस से हार गया था, तब शाहीन बार्सिलोना जाने के बारे में सोच रही थीं. लेकिन 2019 की शुरुआत में शाहीन ने शादी कर ली.

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प्यार, प्रेग्नेंसी, और स्पेन जाना

जब शाहीन ने अपने पति अवध अहमद को बताया कि वह मेसी के करीब रहने के लिए स्पेन जाना चाहती हैं तब अहमद रास्ते में बाधा नहीं बना. शाहीन बताती हैं कि "मुझे इंग्लिश टीचिंग असिस्टेंट के तौर पर एक नौकरी मिली और मैं आंदालुसिया चली गयी. लेकिन मैं अभी भी मेसी से एक हजार किलोमीटर दूर थी."

उस समय मेसी बार्सिलाेना फुटबॉल क्लब के लिए खेल रहे थे और स्पेन के बार्सिलोना में ही रह रहे थे.

शाहीन के पति अहमद भी अपनी पत्नी के साथ रहने के लिए स्पेन चले गए. अपने पति के प्यार की प्रशंसा करते हुए शाहीन कहती हैं कि "वह (अहमद) हमेशा मजाक में यह कहते हैं कि मेसी ने ही उनकी जिंदगी खराब की है."

2019 के एक मैच में जब शाहीन ने मेसी को बार्सिलोना के लिए सेविला के खिलाफ गोल करते हुए देखा, तब यह मौका शाहीन के लिए दिन में सपने देखने जैसा था. शाहीन कहती हैं कि "मैं स्टेडियम में एक तख्ती (पोस्टर) लेकर खड़ी थी, जिसमें लिखा था कि मैंने 13 साल तक इस पल का इंतजार किया है. मैंने ऐसा लगा था कि वह इसे देखेंगे और मुझसे मिलेंगे."

मेसी के लिए लिखे गए एक पत्र को सौंपने के लिए शाहीन और अहमद बार्सिलोना एफसी के ऑफिस भी गए. लेकिन चूंकि शाहीन के अनुसार मेसी के पास "कहने के लिए बहुत कुछ" था, इसलिए वह सेलिब्रिटी स्टार (मेसी) के साथ एक साक्षात्कार करने की कोशिश में लगी रहीं. हालांकि विडंबना यह है कि अर्जेंटीना के इस स्टार के पास साक्षात्कार का बहुत कम अनुभव है और ये हमेशा से ही मृदुभाषी और "कैमरा के प्रति शर्मीले" रहे हैं.

मैच डेज़ और मेसी के लिए अपनी लालसा के बीच शाहीन ने अपनी बेटी (ईवा आइरीन) को जन्म दिया. शाहीन बताती हैं कि "चूंकि उस समय COVID-19 अपने चरम पर था इसलिए मुझे डिलीवरी के लिए स्पेन छोड़कर केरल जाना पड़ा. स्पेन से निकलने के ठीक दो दिन बाद, मुझे मेसी के मैच को कवर करने के लिए प्रेस/मीडिया मान्यता (एक्क्रेडिटेशन) मिली."

मेसी को फॉलो करने वाली उनकी कठिन यात्रा यहीं समाप्त नहीं हुई. केरल ने फुटबॉल के प्रति शाहीन के जुनून को जीवित बनाए रखा, इसलिए शाहीन अपने नवजात शिशु के साथ स्पेन लौट आईं.

केरल में फुटबॉल की लोकप्रियता क्रिकेट जितनी ही है. यहां की एफसी कोचीन 2000 के दशक तक सबसे लोकप्रिय टीमों में से एक थी. केरला ब्लास्टर्स (Kerala Blasters) केरल का एक फुटबॉल क्लब है, वर्तमान में इसे व्यापक रूप से पसंद किया जाता है. हालांकि इस राज्य में विदेशी फुटबॉल क्लबों और विदेशी देशों की राष्ट्रीय टीमों के प्रति निष्ठा सामान्य मानी जाती है.

2021 में पेरिस-स्टेन जर्मेन एफसी के खिलाफ रियल मैड्रिड के मैच को कवर करने के लिए जब शाहीन को एक्क्रेडिटेशन प्राप्त हुई तब वे एक नर्सिंग मां थीं. 2021 में मेसी ने बार्सिलोना एफसी का साथ छोड़कर पीएसजी से जुड़ गए थे. मेसी को फिर से देखने के लिए शाहीन ने फरवरी 2022 में पेरिस की यात्रा की थी और मेसी के एक ट्रेनिंग सेशन को भी उन्होंने करीब से भी देखा था.

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शाहीन के लिए यह कठिन समय था, क्योंकि वह पोस्ट प्रेग्नेंसी भावनात्मक कष्ट से जूझ रही थीं, लेकिन अभी भी मेसी उनके लिए सपने की तरह थे. शाहीन बताती हैं कि "जब मैं मेसी को ट्रेनिंग सेशन के दौरान देख रही तब मैं दौड़कर उनके पास जाना चाहती थी. लेकिन उस वक्त मैंने खुद से यह सवाल किया कि 'क्या मैं मेसी के साथ बस सेल्फी लेना चाहती हूं या उनके साथ इंटरव्यू करना चाहती हूं.' मैंने इंटरव्यू को प्राथमिकता दी और कुछ भी जल्दबाजी में नहीं करने का निर्णय लिया."

मेसी से मिलने के लिए जर्नलिज्म की डिग्री

शाहीन ने फीफा वर्ल्ड कप शुरु होने से एक महीने पहले स्पोर्ट्स जर्नलिज्म में मास्टर्स प्रोग्राम के लिए रियल मैड्रिड ग्रेजुएट स्कूल, मैड्रिड में दाखिला लिया. शाहीन बताती हैं कि "मुझे लगा कि अगर मेरा सपना बड़ा है, तो मुझे इसे हासिल करने के लिए बड़े कदम उठाने होंगे. मुझे लगा कि अगर मैं पूर्णकालिक खेल संवाददाता बन जाती हूं तो मैं मेसी के साथ एक साक्षात्कार कर सकती हूं."

अब शाहीन मैड्रिड में रहती हैं, जबकि उनकी बेटी और पति उनसे दूर विगो में रह रहे हैं. शाहीन बताती हैं कि "मैं उनसे मिलने के लिए हर वीकेंड ट्रैवल करती हूं." कतर में शाहीन उन प्रेस दीर्घाओं की तलाश में रहती है जहां से उन्हें मनचाहा प्रतिष्ठित साक्षात्कार करने का मौका मिल सके.

ऐसी उम्मीद जताई जा रही हैं कि रविवार, 18 दिसंबर को होने वाला फीफा वर्ल्ड कप फाइनल मेसी का आखिरी इंटरनेशनल मैच हो सकता है.

लेकिन वह मेसी से इतना प्यार क्यों करती हैं? शाहीन और शायद उनके ही जैसे मेसी के कई फैन्स के अनुसार, वह (मेसी) "सर्वकालिक महान... वाकई में एक स्किल्ड G.O.A.T. (Greatest Of All Time) हैं."

द क्विंट ने जब शाहीन से पूछा कि अगर वह मेसी से मिलती हैं, तो वह उनसे क्या सवाल पूछेंगी, इस पर शाहीन ने कहा, "मुझे नहीं पता. मुझे यह भी यकीन नहीं है कि ये मौका कब आएगा. लेकिन अगर यह मौका दस साल बाद भी आएगा, तो मुझे खुशी होगी."

मेसी तब तक अपने जूते उतार चुके होंगे. अर्जेंटीना के इस प्लेयर को अब तक के सबसे स्किल्ड फुटबॉलरों में से एक के रूप में जाना जाता है और अक्सर इस खिलाड़ी की तुलना अर्जेंटीना के डिएगो माराडोना और ब्राजील के पेले से की जाती है. 2022 में क्या मेसी एक विजेता बनकर उभरेंगे? इस रविवार यानी आज जुश्ना शाहीन और उनके जैसे हजारों भारतीय प्रशंसकों को मेसी से यह उम्मीद होगी कि वे विजेता बनकर उभर सकते हैं.

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