मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव (Bhopal Zila Panchayat Adhyaksh Chunav) के दौरान शुक्रवार, 29 जुलाई को जमकर हंगामा हुआ. कलेक्ट्रेट के बाहर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ पुलिस की धक्का-मुक्की हुई वहीं अंदर बीजेपी ने कांग्रेस की बाड़ेबंदी को धता बताते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव जीत लिया. इसकी वजह रही की कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से ठीक पहले पाला बदल लिया. कांग्रेस की रामकुंवर गुर्जर ने पलटी मारी और बीजेपी का दामन थाम लिया. बीजेपी ने उन्हें अध्यक्ष पद के लिए खड़ा कर दिया और कांग्रेस की इस बागी ने कांग्रेस कैंडिडेट रश्मि भार्गव को एक वोट से हरा दिया.
बीजेपी ने कांग्रेस के खेमे में सेंध मारने में कामयाबी पा ली
हाल ही में पूरे हुए पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए शुक्रवार 29 जुलाई की तारीख निर्धारित की गई थी. कई दिन पहले से ही जिला पंचायत सदस्यों की बाड़ेबंदी होने लगी थी, कांग्रेस और बीजेपी अपने-अपने खेमे के वोटों को सुरक्षित करने के उपाय कर रही थी और आज सुबह से ही प्रदेश भर विधायक, मंत्री, पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री समेत पूरा राजनीतिक तामझाम मैदान में था.
भोपाल में कांग्रेस के तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, विधायक पीसी शर्मा, आरिफ मसूद, और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने मोर्चा संभाला था. वहीं दूसरी ओर बीजेपी के दो मंत्री विश्वास सारंग और भूपिंदर सिंह और विधायक रामेश्वर शर्मा मैदान में उतरे थे.
लेकिन बीजेपी ने कांग्रेस के खेमे में सेंध मारने में कामयाबी पा ली. ऐन वक्त पर कांग्रेस की रामकुंवर गुर्जर ने पलटी मारी और बीजेपी का दामन थाम लिया. बीजेपी ने उन्हें अध्यक्ष पद के लिए खड़ा कर दिया और कांग्रेस से इस बागी ने कांग्रेस कैंडिडेट रश्मि भार्गव को एक वोट से हरा दिया.
भोपाल जिला पंचायत में कुल 3 क्रॉस वोटिंग हुई और बीजेपी ने अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया.
दिग्विजय सिंह की पुलिस के साथ झड़प
यह सब कुछ राजसभा सांसद दिग्गविजय सिंह और कांग्रेस की अच्छी खासी भीड़ की आंखों के सामने होता रहा और पुलिस ने उनको नाकाबंदी पार नहीं करने दिया. बीजेपी के विधायक रामेश्वर शर्मा बाकायदा रामकुंवर गुर्जर को अपनी गाड़ी में ले आए और उनके साथ भोपाल कलेक्ट्रेट के अंदर चले गए.
दिग्गविजय सिंह भी काफी क्रोधित दिखें. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि "जब तक मैं जिंदा हूं इसे कांग्रेस में नहीं आने दूंगा". ऐसा वो कांग्रेस की बागी रामकुंवर गुर्जर के लिए कह रहे थे.
आरोप है कि पुलिस की धक्का-मुक्की के बीच दिग्गविजय सिंह ने एक पुलिसवाले का कॉलर पकड़ लिया. फिर कुछ घंटे बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसको अशोभनीय व्यवहार बताते हुए सवाल पूछा कि आखिर कॉलर पकड़ने का हक किसने दिया ?