"प्रशांत किशोर जी बिजनेसमैन हैं, पैसा लेकर आ रहे हैं, राजनीति में इनवेस्ट करना चाह रहे हैं, और रिटर्न में कुछ चाह रहे हैं, राजनेता नहीं हैं, प्रशांत किशोर नेता नहीं हैं."
27 मार्च को टाइम्स ऑफ बिहार नाम के एक यूट्यूब न्यूज चैनल पर पीले रंग का टीशर्ट पहने एक शख्स ने ये बात चुनावी रणनीतिकार से नेता और जन सुराज पार्टी के फाउंडर बने प्रशांत किशोर के बार में कही थी.
ठीक 100 दिन बाद वही शख्स पीले रंग का गमछा जिसपर जनसुराज लिखा था वो पहनकर प्रशांत किशोर के साथ खड़ा दिखता है. ये कहानी है आरएसएस शाखा से यूट्यूबर और फिर भगवा गमछा डाल बीजेपी के दर से होते हुए जनसुराज पार्टी में शामिल होने वाले त्रिपुरारी कुमार तिवारी उर्फ मनीष कश्यप की.

