"पच्चीस से तीस, फिर से नीतीश", यह वह नारा है, जो फिलहाल बिहार की सच्चाई बनता जा रहा है. जब-जब मीडिया और नेताओं ने नीतीश कुमार को कम आंका, तब-तब उनका कम बैक हाउस फुल शो में बदल जाता है. इस बार भी यही हुआ. अब तक के रुझानों में नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला है. सबको चौंकाते हुए जेडीयू के प्रदर्शन में भारी सुधार होता दिख रहा है.
एनडीए की इस जीत के पीछे एक अहम फैक्टर है 'MY'. हां 'MY'. ये लालू यादव के जमाने वाला 'MY' यानी मुस्लिम-यादव समीकरण नहीं है, बल्कि इस 'MY' का मतलब है 'महिला-युवा' फैक्टर. ऐसे ही कुछ और फैक्टर हैं जिनके सहारे 20 सालों से सत्ता में रहे नीतीश कुमार ने एंटी इनकंबेंसी को प्रो इनकंबेंसी में बदल दिया.
चलिए आपको बताते हैं कि वो पांच बड़े कारण, जिसकी वजह से एनडीए एक बार फिर बिहार की सत्ता पर काबिज होने जा रही है.

