बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी चरम पर है. जनता को लुभाने के लिए राजनीतिक दलों की ओर से तरह-तरह के वादे किए जा रहे हैं. सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने चुनावी संकल्प पत्र में एक करोड़ नौकरी और रोजगार सहित विकास से जुड़े कई बड़े वादे किए हैं. हालांकि, प्रदेश के लिए जारी मेनिफेस्टो में केंद्र सरकार की योजनाओं की छाप देखने को मिलती है.
इस पर बात करेंगे, लेकिन उससे पहले बात 2020 के चुनावी वादों की करते हैं. क्या 2020 में एनडीए यानी कि नीतीश कुमार की जेडीयू और बीजेपी ने जो घोषणापत्र में ऐलान किए थे वो पूरे हुए? उनकी जमीनी हकीकत क्या है?

