5 जून 2023 को, वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे के अवसर पर, प्लास्टिक कचरे से निपटने के लिए आवश्यक व्यक्तिगत और सांप्रदायिक गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा. समय आ गया है कि इन प्रयासों को आगे बढ़ाने और एक सर्कुलर इकॉनमी बनने का. #BeatPlasticPollution अभियान महत्वपूर्ण है क्योंकि सिंगल-यूज प्लास्टिक सामानों पर हमारी निर्भरता पर्यावरण, समाज, अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है.
हैरानी की बात यह है कि दुनिया भर में हर मिनट दस लाख प्लास्टिक की बोतल खरीदी जाती हैं और हर साल पांच ट्रिलियन प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल किया जाता है. उत्पादित सभी प्लास्टिक का आधा हिस्सा केवल एक बार उपयोग के लिए होता है, जिससे समस्या और बढ़ जाती है. प्लास्टिक, विशेष रूप से माइक्रोप्लास्टिक्स, हमारे प्राकृतिक वातावरण में स्पष्ट रूप से मौजूद हैं. कई देशों की तरह भारत भी प्लास्टिक की बड़ी समस्या से जूझ रहा है.

