चुनावी राजनीति में क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले नेताओं को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के नए निर्देश आए हैं. पार्टियों को अब अपने कैंडिडेट्स के क्रिमिनल बैकग्राउंड के बारे में अपनी वेबसाइट, अखबारों, फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया पर बताना होगा. उन्हें ये भी बताना होगा कि ऐसे दागी उम्मीदवारों को क्यों टिकट दिया गया. साथ ही यह भी कि सीट में मौजूद साफ-सुथरी छवि के लोगों को टिकट क्यों नहीं दिया गया. आपराधिक छवि के कैंडिडेट चुनने के 72 घंटों के भीतर उन्हें चुनाव आयोग को ये जानकारी देनी होगी.
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Topics: सुप्रीम कोर्ट
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