ब्राह्मण बहुत बड़ा वोट बैंक नहीं है. 1931 की जनगणना के अनुसार भारत में ब्राह्मणों की संख्या 5.52 परसेंट थी. इसमें वे तमाम जातियां भी थीं, जिन्हें ब्राह्मण अपनी बिरादरी का नहीं मानते लेकिन जो खुद को ब्राह्मण मानती हैं. तब जिन जातियों ने खुद को ब्राहमण लिखवाया था, उनमें से कई जैसे जांगिड़ और गोस्वामी अब ओबीसी में हैं. त्यागी और भूमिहार अलग जाति की तरह व्यवहार करते हैं और ब्राह्मणों के साथ उनका विवाह संबंध नहीं चलता. जनगणना के नियमों के मुताबिक, जिन्होंने भी खुद को ब्राह्मण बताया, वे सभी इस 5.52 परसेंट के आंकड़े में शामिल है.
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Topics: राहुल गांधी दलित मुसलमान
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