रविवार को दुबई में एक अनोखा दृश्य था. भारत(India) की टी20 क्रिकेट टीम(T20 cricket team) घुटनों के बल बैठ गई... ब्लैक लाइव्स मैटर (BLM) के समर्थन में. इन लम्हों ने भारत के भीतर अन्याय और सामाजिक बुराइयों की तरफ लोगों का ध्यान खींचा. अक्सर हमारे चहेते खिलाड़ी इन मामलों में चुप्पी साधे रहते हैं.
जब अमेरिका के फुटबॉलर कोलिन केपर्निक ने अपने देश के राष्ट्रीय गान के दौरान घुटने टेके थे, तो उनके पेशेवर करियर के संकट में पड़ने की पूरी आशंका थी. वह मुसीबत में फंस सकते थे. यह हिम्मत और पक्के इरादे का मामला था. पर भारतीय क्रिकेटरों का घुटने के बल बैठना, एक अलग ही मिसाल कायम करता है. सामाजिक मुद्दों पर वे ज्यादातर खामोश रहते हैं. यह ठीक ऐसा ही है, कि अमेरिका के खिलाड़ी ब्लैक लाइव्स मैटर पर तो बयान देने से परहेज करें और ईरान में गैर बराबरी पर बहस-मुबाहिसा करें.

