31 मार्च को जब ममता बनर्जी (Mamata Banrjee) ने अपनी पहली चुनावी रैली की तो भीड़ में खड़े लोगों के दिमाग में जो छवि छप गई, वह ये थी कि 'दीदी' महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) के हाथों को कसकर थामे हुईं थीं और उसे स्टेज पर लहरा रही थी, यह छवि ऐसी थी मानो ममता मैदान में इकट्ठा लोगों को अपने उम्मीदवार को देखने के लिए प्रेरित कर रही हों.
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Election 2024: मोदी के खिलाफ लड़ाई में ममता की सबसे बड़ी ताकत महुआ मोइत्रा
Loksabha Eelction 2024: महुआ को चुनना इत्तेफाक नहीं, महुआ ने कैसे हासिल किया ममता का विश्वास?

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