वरुण फिरोज गांधी (Varun Firoz Gandhi) को आगामी लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Election) के लिए पार्टी की ओर से टिकट देने से इनकार करना 44 साल पहले 1980 में इंदिरा गांधी की सत्ता में विजयी वापसी के तुरंत बाद हुए उनके जन्म से अंतहीन उतार-चढ़ाव को उजागर करता है.
इंदिरा गांधी के राजनीतिक वारिस संजय गांधी के पुत्र के तौर पर उनके सितारे वाकई में बहुत उज्ज्वल थे लेकिन उनके जन्म के तीन महीनों के भीतर वरुण की दुनिया ढहने लगी. दरअसल, वरुण के जन्म के तीन महीने बाद ही उनके पिता संजय गांधी का विमान दुर्घटना में निधन हो गया.

