(लोकसभा चुनाव से पहले लेखक ने उत्तर प्रदेश का दौरा किया है. उस दौरे से जुड़े लेख का यह दूसरा भाग है. पहला भाग यहां पढ़ें.)
श्याम उन प्रदर्शनकारियों की भीड़ में शामिल कारसेवकों में से एक थे जिन पर 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिराने का आरोप लगा था. कभी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कट्टर समर्थक रहे श्याम का अब उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दोनों से मोहभंग होता जा रहा है. वो कहते हैं, "मेरा बेटा बेरोजगार है. नौकरी पाने में उसकी कौन मदद करेगा."

