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त्रिपुरा UAPA केस: नरेंद्र मोदी का ''भारत'' अपने आलोचकों से इतना डरता क्यों है?

नए भारत में पत्रकारों व सरकार के आलोचकों पर लगाया जाता है यूएपीए कानून.

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पिछले हफ्ते, त्रिपुरा पुलिस (Tripura Police) ने राज्य में सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट के लिए पत्रकारों सहित 102 लोगों पर कठोर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और आपराधिक साजिश व जालसाजी जैसे कई अन्य आरोप लगाए.

पत्रकारों में से एक, श्याम मीरा सिंह ने कहा कि उन पर कड़े आतंकवाद विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था, क्योंकि उन्होंने ट्वीट किया था कि ‘त्रिपुरा जल रहा है’.

जमीनी पत्रकारों और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों ने पुष्टि की है कि त्रिपुरा वास्तव में जल रहा था.
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