अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जा जमाने के साथ विश्व का सत्ता समीकरण बदल गया है. और भारत इस बदलाव का सबसे बड़ा शिकार हो सकता है.
कम शब्दों में कहा जाए तो पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को जीत लिया है. कार्यवाहक राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह सहित कुछ प्रमुख नेता उत्तर में पंजशीर घाटी से तालिबान का विरोध कर रहे हैं लेकिन भारत के सुरक्षा संगठनों को भरोसा नहीं है कि उनके बीच सहयोग कायम हो पाएगा. हम चाहते हैं कि ऐसा हो जाए, चूंकि पूरी तरह से ताकतवर तालिबान खतरनाक हो सकता है- अफगानी नागरिकों और भारत, दोनों के लिए.

