साधु-संन्यासियों के बारे में मैंने बचपन में एक कहानी सुनी थी. मैं वह कहानी आपको बताता हूं. एक साधु थे. हिमालय गए. वहां पर उन्होंने कड़ी तपस्या की. कड़ी तपस्या करने के बाद उनको यह सिद्धि प्राप्त हुई कि वे पानी के ऊपर पैदल चलने लगेंगे. इस सिद्धि को प्राप्त करने के बाद वे बहुत खुश हुए और हिमालय से चलकर एक गांव में आए.
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शिकागो की धर्म संसद में जब विवेकानंद ने कहा- मैं उस देश का नागरिक हूं, जिसने....
Swami Vivekananda ने आज के ही दिन 11 सितंबर 1893 ई. को शिकागो के विश्व धर्म सम्मेलन में अपना ऐतिहासिक भाषण दिया था

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