सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने चुनावी बॉन्ड (Electoral Bond) योजना को गैर-कानूनी घोषित करते हुए कंपनी अधिनियम की धारा 182 (1) और धारा 182 (3) में वित्त अधिनियम 2017 द्वारा किए गए संशोधनों को भी असंवैधानिक घोषित कर दिया है.
कंपनी अधिनियम में इन दो संशोधनों ने कंपनियों (घाटे में चल रही कंपनियों सहित) को राजनीतिक चंदा देने की इजाजत दी थी. इसमें उस कॉरपोरेट चंदे की उस लिमिट को भी हटा दिया गया था जो पहले था- कंपनियां पिछले तीन वर्षों के अपने औसत मुनाफे का अधिकतम 7.5% ही चंदे के रूप में दे सकती थीं.

