परिसीमन से जुड़कर भटक जाता है महिला आरक्षण
शशि थरूर ने इंडियन एक्सप्रेस में महिला आरक्षण और परिसीमन के बीच छिपे संभावित राजनीतिक प्रभावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं. वे लिखते हैं कि महिला आरक्षण विधेयक सतही तौर पर महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम लगता है लेकिन इसके साथ जुड़ी परिसीमन की प्रक्रिया इसे एक ट्रोजन हॉर्स यानी छिपे हुए खतरे में बदल देती है. थरूर के अनुसार, इस कानून को लागू करने के लिए 2026 के बाद होने वाली नई जनगणना और परिसीमन का इंतजार जरूरी है, जिससे इसके लागू होने में देरी भी होगी और इसके राजनीतिक निहितार्थ भी गहरे होंगे.

