चुनाव नतीजों पर चुप क्यों राहुल?
मार्क टुली ने हिन्दुस्तान टाइम्स में इंडिया गठबंधन के एक सांसद के हवाले से राहुल गांधी के बारे में लिखा है कि उनमें इतना गट्स नहीं है कि वे कांग्रेस की हार का सामना कर सकें. संसद तक में वे दिखाई नहीं पड़े. चुनाव नतीजों पर उन्होंने कुछ भी नहीं कहा. उत्तर पूर्व के छोटे से राज्य को भी जीत पाने में कांग्रेस विफल रही.
लेखक ने लिखा है कि राहुल गांधी के लिए उनकी आलोचनाओं में एक यह है कि वे नेता की तरह दिखते ही नहीं. अपने सांसद साथी के हवाले से लेखक ने सवाल उठाया है कि पदयात्रा के बाद वे सीधे ब्रिटेन क्यों चले गये? एक नेता के तौर पर अपनी इमेज बनाने का प्रयास क्यों नहीं किया?
मार्क टुली ने लिखा है कि बुधवार को संसद में बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि देते समय मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ राहुल की मां सोनिया गांधी थी. राहुल गांधी नजर नहीं आए. जिस राजनीतिज्ञा का मुकाबला राहुल को करना है उनका नाम नरेंद्र मोदी है. भारतीय जनता पार्टी के वे निर्विवाद नेता हैं. चुनाव नतीजे बताते हैं कि वे कितने लोकप्रिय हैं. तेलंगाना में कांग्रेस की इकलौती विजय के बारे में बहुत बातें हो रही हैं और उत्तर-दक्षिण में अंतर के साथ ऐसा हो रहा है. बीजेपी इसका जवाब लेकर भी आएगी.

