ईरान की क्षेत्रीय ताकत को झटका
टीसीए राघवन ने टेलीग्राफ में लिखा है कि ठीक 47 वर्ष पहले जनवरी 1979 में ईरान की इस्लामी क्रांति ने शाह को निर्वासित कर शिया गणराज्य स्थापित किया था. आज 2026 की शुरुआत में ईरान फिर उसी तरह के जन-विरोध और गहन संकट से गुजर रहा है. सड़कों पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनकी तीव्रता 1979 की याद दिलाती है. भारी दमन के बावजूद सैकड़ों-हजारों मौतों की रिपोर्ट्स आ रही हैं. आर्थिक स्थिति भयावह है. 2025 में रियाल की कीमत लगभग 90% गिरी, महंगाई चरम पर पहुंची. दिसंबर के अंत में व्यापारी समुदाय (बाज़ार) ने भी दुकानें बंद कर विरोध में शामिल होकर स्थिति को नया मोड़ दिया—ठीक वैसे ही जैसे 1979 में शाह के खिलाफ बाज़ार का मुड़ना निर्णायक साबित हुआ था.

