विकास पर खर्च हड़प रहे हैं नकद हस्तांतरण
टाइम्स ऑफ इंडिया ने लिखा है कि आर्थिक सर्वेक्षण सतही रूप से सकारात्मक बताया है. लेकिन, यह गहराई में सावधानी भरा संदेश देता है. वर्तमान वित्तीय वर्ष में विकास दर 7.4% तक पहुंचने की उम्मीद है (प्रारंभिक अनुमान 6.3-6.8% था). भारत अब भी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ रहा है, मुद्रास्फीति कम है, राजकोषीय घाटा नियंत्रण में है और पिछले अगस्त में S&P से रेटिंग अपग्रेड मिला. फिर भी, सर्वेक्षण चेतावनी देता है कि सामान्य तरीके से काम चलाने से भारत निम्न-मध्यम आय वर्ग से बाहर नहीं निकल पाएगा. पिछले सर्वेक्षण में बात की गई 8% की निरंतर विकास दर एक-दो दशक तक अब भी दूर की कौड़ी लगती है. वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल में व्यापार कठिन हो गया है और यदि इस वर्ष AI बुलबुला फूटा तो 2008 के संकट से भी बदतर स्थिति बन सकती है.

