सवालों के बीच भारत-पाकिस्तान मैच
पार्थ सिन्हा ने टाइम्स ऑफ इंडिया में लिखा है कि जब भी भारत और पाकिस्तान की टीमें खेलती हैं, अतीत की पकड़ थोड़ी ढीली पड़ जाती है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सवाल—क्या भारत को पाकिस्तान से खेलना ही चाहिए?—का जवाब मिल जाता है. यह सवाल बना रहना चाहिए. कुछ सवाल क्रिकेट के वेश में आते हैं. कुछ कूटनीति की चादर ओढ़े. लेकिन एक सवाल हर टूर्नामेंट सीजन में लौटता है, जैसे खांसी जो न रुके—कर्कश, असहज और गहरी परिचित: क्या भारत को पाकिस्तान से खेलना चाहिए? यह पूछताछ नहीं. यह आईना है. जो हमारी हर चीज को प्रतिबिंबित करता है—और जो हम छिपाना चाहते हैं. मैदान पर, दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की बाढ़ वाली रोशनी में, जहां 14 सितंबर को एशिया कप 2025 का ग्रुप ए का प्रमुख मुकाबला होगा, बाउंड्री रस्सियां नाजुक संधि बन जाती हैं.

