शिक्षा के बिना कैसे पूरा होगा विकसित भारत का सपना?
तवलीन सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस में लिखा है कि हैरानी है कि विकसित भारत के निर्माण के लिए जो लक्ष्य 2047 तक तय किया गया है, उसमें शिक्षा का जिक्र ही नहीं है. विकसित भारत का सपना बिना शिक्षा के अधूरा है. शिक्षा के बिना कोई भी देश सच्चे अर्थों में विकसित नहीं हो सकता. हमारा शिक्षा तंत्र आज भी औपनिवेशिक काल का है, जहां रट्टा मारना ही मुख्य उद्देश्य है. शिक्षा मंत्रालय का बजट 1.25 लाख करोड़ रुपये है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का मात्र 3 प्रतिशत है. जबकि कोठारी आयोग की सिफारिश के अनुसार 6 प्रतिशत का लक्ष्य 1968 से अधूरा पड़ा है.

