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बिहार की राजनीति में नया चेहरा हैं तेजस्वी, मामदानी के भाषण में नेहरू-डेब्स

संडे व्यू में पढ़ें अदिति फडणीस, सुनंदा के दत्ता रे, करन थापर, देवदत्त पटनायक और प्रताप भानु मेहता केविचारों का सार

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बिहार राजनीति: पुरानी छाया, नया चेहरा

बिजनेस स्टैंडर्ड में अदिति फडणवीस लिखती हैं कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के दरभंगा रैली में चेतावनी दी: "चेहरे बदल गए, लेकिन लोग वही हैं. जंगलराज नए वेश में लौटने को बेताब है." उनका इशारा तेजस्वी यादव की ओर था, जो अब रंग-बिरंगी टी-शर्ट और जींस में युवा नेता के रूप में उभर रहे हैं. सफेद खादी का दौर लुप्त हो चुका है, लेकिन शाह राजद को पुरानी अराजकता से जोड़ते हैं. तेजस्वी का नया मार्गदर्शक संजय यादव है—हरियाणा के महेंद्रगढ़ से कंप्यूटर साइंटिस्ट, जो 2011 में अखिलेश यादव के जरिए राजद से जुड़े. तेजस्वी उन्हें 'दार्शनिक गुरु' कहते हैं, लेकिन परिवार के कुछ सदस्य उन्हें सत्ता के सलाहकार मानते हैं. संजय ने अब्दुल बारी सिद्दीकी को दरकिनार कर राज्यसभा सीट दिलवाई, जो लालू के वफादार थे.

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