मोदी में सुधार, राहुल सुधरने को नहीं तैयार
तवलीन सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस में लिखा है कि भारतीय राजनीति किसी खराब बॉलीवुड की तरह भ्रामक हो गयी है. कभी इंदिरा गांधी ‘विदेशी हाथ’ को लेकर जुनूनी हो गयी थीं. बाढ़, अकाल, सूखा सब में विदेशी हाथ की तलाश होती थी. बीते हफ्ते डोनाल्ड ट्रंप की एक टिप्पणी के कारण बीजेपी विदेशी हाथ को लेकर जुनूनी हो गयी. वोटर टर्न आउट पर 21 मिलियन डॉलर के खुलासे के बाद बीजेपी नेताओं और प्रवक्ताओं ने एक बार फिर जॉर्ज सोरोस को राहुल गांधी से जोड़ने की कोशिश की. नरेंद्र मोदी की जगह राहुल गांधी का नाम डालने की कोशिश दिखलाई. बीजेपी और कांग्रेस की भूमिकाओं में उलटफेर को भी समझना जरूरी है.

