बिहार में एसआईआर पर सवाल
करन थापर ने हिन्दुस्तान टाइम्स में बिहार में चल रही चुनावी सूचियों की विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया पर सवाल उठाया है. लेखक का मानना है कि कुल प्रभावित संख्या बताई गई से अधिक हो सकती है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है. 1 अगस्त को ईसीआई द्वारा जारी मसौदा सूचियों में 6.56 मिलियन नाम हटाए गए, जो पहले की सूचियों का 9% है. बिहार की उच्च प्रजनन दर को देखते हुए, जहां 2001-2011 में वयस्क आबादी 28.5% बढ़ी, 2025 में मतदाता संख्या घटना आश्चर्यजनक है.

