भारत की चुप्पी ‘रहस्यमयी’
मुकुल केशवन ने टेलीग्राफ में लिखा है कि ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष के प्रति भारत सरकार की चुप्पी रहस्यमयी और चिंताजनक है. यह भारत के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है. भारत अपनी ऊर्जा (तेल और गैस) और उर्वरक (फर्टिलाइजर) की जरूरतों के लिए खाड़ी देशों और 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) पर निर्भर है. इस युद्ध और ब्लॉकेड के कारण न केवल ईंधन की कीमतें बढ़ेंगी, बल्कि खेती के लिए जरूरी गैस की कमी से भारत की खाद्य सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगी.

