किसी बालिग व्यक्ति का अपनी पसंद के साथी से शादी करने का अधिकार एक निजी और व्यक्तिगत मसला है. हां, इसमें वैध सहमति जरूर होनी चाहिए. इसलिए ये आसानी से समझा जा सकता है कि इसे जानबूझकर सार्वजनिक जांच पड़ताल का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए- न ही इसमें अजनबियों का दखल होना चाहिए. इसी हफ्ते यानी 12 जनवरी को इलाहाबाद हाई कोर्ट की सिंगल जज वाली लखनऊ बेंच ने इस दखल और खुलासे की सीमा तय की है.
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