कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अपने बच्चों को पार्टी की कमान सौंपने की तैयारी कर रहीं हैं. यह स्पष्ट है कि वह न केवल समय से पहले अर्ध-सेवानिवृत्ति लेने जा रही हैं बल्कि वह कांग्रेस को ऐसी अस्थिर अवस्था में छोड़कर जा रही हैं, जैसी पिछले 131 साल में पार्टी ने पहले कभी नहीं देखी.
कांग्रेस में सोनिया युग का अंत!
सोनिया की उम्र इस वक्त 69 वर्ष है और वह नरेंद्र मोदी से केवल चार साल बड़ी हैं. सामान्य स्थिति में वह अगले कई वर्षो तक पार्टी की बागडोर संभालना जारी रख सकती थीं. लेकिन, खराब स्वास्थ्य ने उन्हें इस बात के लिए बाध्य किया है कि वह पार्टी की कमान राहुल गांधी के हाथों में सौंप दें जिन्हें पार्टी प्रमुख के रूप में तैयार किया जा रहा है. हालांकि, इसमें शक की गुंजाइश कम ही है कि वह भविष्य में भी कांग्रेस तथा देश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेंगी.
जब इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा तो निश्चित तौर पर इसका जिक्र होगा कि उन्होंने एक ऐसे समय में पार्टी के औपचारिक नेतृत्व से सेवानिवृत्ति ली, जब यह ढलान की ओर थी. वह अपने बच्चों को एक स्वस्थ संगठन नहीं, बल्कि बीमार संगठन सौंपने जा रही है.

