"एक पर्यावरणविद् के रूप में, मैं लद्दाख के नाजुक और संवेदनशील इकोसिस्टम को लेकर बहुत चिंतित हूं," मैग्सेसे पुरस्कार विजेता शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ( Sonam Wangchuk) ने ये बातें कही हैं. सोनम वांगचुक ने हाल ही में लेह में अपना 21 दिनों से जारी भूख हड़ताल खत्म किया. उन्होंने लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों की मांग करते हुए, 6 मार्च से 'जलवायु उपवास' शुरू किया था.
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सोनम वांगचुक का 'जलवायु उपवास' भले ही खत्म हो गया, लेकिन लद्दाख के लिए 'जंग' जारी
सोनम वांगचुक ने 6 मार्च से 'जलवायु के लिए अनशन' शुरू किया था, जो अब खत्म हो गया है.

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