जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (Justice DY Chandrachud) ने भारत के चीफ जस्टिस बनने के बाद एक फैसले में कहा था- “हम चूक जाएंगे, अगर यह स्वीकार नहीं करेंगे कि अंतरंग साथी की तरफ से की जाने वाली हिंसा एक सच्चाई है.” हां, चीफ जस्टिस ‘मेरिटल रेप’ की बात कर रहे थे, और बता रहे थे कि इसे मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट के तहत मान्यता देने की जरूरत है.
लेकिन दिल्ली में एक लड़की की बर्बर हत्या, और उसके पार्टनर की तरफ से कवर-अप करने की कोशिश- इसके संदर्भ में देखें, तो इस टिप्पणी से बड़ा सच और कुछ नहीं हो सकता.
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