चुनाव आयोग (Election Commision) ने शिवसेना के एकनाथ शिंदे (Ekanath Shinde) के नेतृत्व वाले बागी गुट को शिवसेना (Shivsena) का असली हकदार मानकर पिछले 8 महीनों से चल रहे संघर्ष को विराम दे दिया है. शिंदे ने संघर्ष के एक मोर्चे पर फतह हासिल की है. सर्वोच्च न्यायालय में अभी एक और मामला विचाराधीन है, जिस पर 22 फरवरी से नियमित सुनवाई होगी. इस मोर्चे पर भी उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को क्या हासिल कर पाएंगे यह भविष्य के गर्भ में है.
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शिंदे गुट के पास 76% मत, उद्धव के पास 23%, EC ने इस आधार पर किया सिंबल का फैसला
शिंदे को ‘शिवसेना और धनुष बाण’ सौंपने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने की घोषणा भी उद्धव ठाकरे ने की है,

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