झारखंड आंदोलन ने एक से बढ़ कर एक नेता को देखा. इसमें जयपाल सिंह,शिबू सोरेन, विनोद बिहारी महतो, निर्मल महतो, एनई होरो, एके राय, शैलेंद्र महतो और देवेंद्र मांझी का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है. इसमें कोई दो राय नहीं कि शिबू सोरेन ने जंगलों और पहाड़ों के बीच रह कर झारखंड आंदोलन को जितना धारदार बनाया,उसने अलग राज्य बनाने में बहुत बड़ी भूमिका अदा की. लंबे आंदोलन में कई ऐसे मौके आए जब शिबू सोरेन को जिंदा या मुर्दा पकड़ने या गोली मारने का भी आदेश दिया गया था.
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