शाह फैसल का राजनीति छोड़ने का ऐलान जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार की बढ़ती चुनौतियों का एक और संकेत है. जम्मू-कश्मीर में तीन वंशवादी पार्टियों (कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) के बिना ‘नई’ राजनीति तैयार करने की कृत्रिम कोशिश फिर से फेल हो गई है.
स्मार्ट, मुखर, ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज परीक्षा के टॉपर, एक फुलब्राइट स्कॉलर और हार्वर्ड से डिग्री प्राप्त स्कॉलर फैसल को गुमराह कर उनके दिमाग में ये बात डाली गई कि वो जम्मू-कश्मीर के वो नेता हो सकते हैं जो राज्य को अभी तक नहीं मिला, शायद एक दिन मुख्यमंत्री भी बन सकते हैं. हालांकि, जम्मू-कश्मीर में एक राजनीतिक पार्टी का प्रमुख होने के बाद अब वो शायद एक बार फिर से ब्यूरोक्रैट बन जाएंगे.

