मुसलिम आबादी का मिथ - भाग दो! पहला भाग कब आया? शायद ‘राग देश’ के पाठकों को याद हो कि उसे मैंने लिखा था आज से बीस महीने पहले, पिछले साल जनवरी में! फिर बीस महीने बाद भाग- दो लिखने की ज़रूरत क्यों पड़ गयी? लाख टके का सवाल यही है. बस सारा मर्म यहीं है.
बीस महीने पहले धार्मिक आधार पर 2011 की जनगणना के आँकड़े कुछ अख़बारों में ‘लीक’ हो कर छपे थे कि हिन्दू आबादी घट कर अस्सी प्रतिशत के नीचे पहुँच गयी और मुसलमान बढ़ कर चौदह प्रतिशत के ऊपर हो गये! तब ख़ूब हल्ला मचाया गया था कि वह दिन दूर नहीं जब भारत में हिन्दू ही अल्पसंख्यक हो जायेंगे. आँकड़े तो सत्य थे, लेकिन यह आधा सच था. सच का दूसरा पहलू यह था कि मुसलिम आबादी की वृद्धि दर और जनन दर पहले के मुक़ाबले लगातार घट रही है, मुसलमानों में परिवार नियोजन बढ़ रहा है और अगले कुछ वर्षों मे उनकी जनन दर घट कर राष्ट्रीय औसत के आसपास आ जायेगी. लेकिन झूठ के भोंपू अर्द्धसत्य फैला कर देश को डरा रहे थे. तब मैंने मुसलिम आबादी के मिथ का पूरा सच लिखा था.
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ब्लॉग से | मुस्लिम आबादी का भ्रम: आंकड़े सत्य, लेकिन अर्धसत्य
वह दिन दूर नहीं जब हिन्दू अल्पसंख्यक हो जायेंगे. आँकड़े तो सत्य थे, लेकिन यह आधा सच था, सिक्के का दूसरा पहलू यह...

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