भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं ने सनातन धर्म (Sanatan Dharma) को लेकर विपक्ष के 'INDIA' गठबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. वे भूल गये हैं कि सत्ता के शीर्ष से अपनाया जा रहा ये रुख देश के करोड़ों दलितों (Dalits) और पिछड़ों के सीने में शूल की तरह धंस रहा है, जिन्हें सनातन धर्म की परंपरा के नाम पर सदियों तक अछूत माना गया और शिक्षा-रोजगार से वंचित रखा गया.
यहां तक कि आजादी के आंदोलन के दौरान जब महात्मा गांधी ने शूद्रों के मंदिर में प्रवेश का आंदोलन चलाया तो उनका विरोध भी सनातन परंपरा के नाम पर किया गया. थोड़ा और पीछे जाएं तो सती प्रथा के खिलाफ बने कानून का विरोध भी सनातन परंपरा के आधार पर किया गया था.

