सूचना के अधिकार बिल (आरटीआई एक्ट) में बदलाव के लिए सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदम बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं. ऐसा लगता है कि ये उसे दी गई गलत सलाह का नतीजा है. ये ऐसा कदम है कि जिससे संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) में मौजूद मौलिक अधिकारों का हनन होगा. नागरिकों को दस कैटेगरी को छोड़ कर सरकार के पास रखी हर सूचना को हासिल करने का अधिकार है. अगर पब्लिक अथॉरिटी सूचना देने से इनकार करती है तो कानून में इसका प्रावधान है कि सूचना आयोग के पास अपील की जा सके.
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