1 मार्च 2015 को दूसरी बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद मुफ्ती मोहम्मद सईद ने पुलिस महानिदेशक को राजनीतिक बंदियों की रिहाई के लिए कहा था. जम्मू में अपने इकलौते पत्रकार सम्मेलन में उन्होंने इस बात का खुलासा किया था. शीर्ष अलगाववादी मस्सरत आलम को 7 मार्च 2015 को रिहा किया गया. आलम ने 2010 में उमर अब्दुल्ला सरकार के हाथों गिरफ्तार होने से पहले सड़क पर हिंसा की वारदातों का तीन महीनों तक नेतृत्व किया था.
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Topics: श्रीनगर जम्मू कश्मीर आतंकी
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