“आवाज आई-
तुम्हारी आवाज ही क्यों?
मेरी क्यों नहीं?
अगर मेरी नहीं तो तेरी नहीं.
तेरी नहीं तो किसी की नहीं”
(इसी किताब से)
भाषा व शब्दों का भंडार अपनी जगह और साहित्य व संवेदना की समझ अपनी जगह. कहानियों के भीतर कहानी और विचार के भीतर विचार वाली पुस्तक ‘रेत समाधि’ में साहित्यिक समाधि लगानी होगी. डूबना होगा संवेदना और सरोकार के रेतीले-समन्दर में. और शायद इतना ही काफी है इस गाथाई सिसकियों और अकुलाहट को समझने के लिए.
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Topics: Geetanjali Shree Booker Prize 2022
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